10:25 am - Friday March 22, 2019

विडंबना

From Randhir Mehta’s  e mail

– मैंने ISISI का विरोध करते किसी मुस्लिम को नहीं देखा है….

पर RSS का विरोध करते हुए लाखो हिन्दू देखे है –

मैंने किसी मुस्लिम नेता को होली- दीवाली की पार्टी देते नहीं देखा है……

. पर हिन्दू नेताओं को इफ्तार पार्टी देते देखा है… –

मैंने कश्मीर में भारत के झंडे जलते देखे है….

पर कभी पाकिस्तान का झंडा जलाते हुए मुसलमान नहीं देखा है….

. – मैंने हिन्दुओ को टोपी पहने मजारो पर जाते देखा है….

पर किसी मुस्लिम को टीका लगाते मंदिर जाते नहीं देखा है….

– मैंने मीडिया को विदेशो के गुण गाते देखा है…

पर भारत के संस्कार के प्रचार करते नहीं देखा है –

मैंने करोड़पतियों के माँ बाप को वृद्ध आश्रम में देखा है…..

पर किसी करोड़पति के घर में अनाथ आश्रम नहीं देखा है… –

मैंने विदेशी गाडियो में विदेशी कुत्तो को घूमते देखा है

पर उनके घर के बाहर कभी गाय को रोटी खिलाते नहीं देखा है….

– मैंने हिन्दुओ के बच्चों को इंग्लिश स्कूल में अंग्रेज की औलाद बनते देखा है

पर किसी अंग्रेज को गुरुकुल में हिन्दू बनते नहीं देखा है –

मेने फालतू पोस्ट पर हजारो कॉमेंट देखे है

पर राष्ट्रवादी पोस्ट पर 100 कॉमेंट भी नहीं देखे है

Filed in: Literature

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