1:54 pm - Saturday November 18, 2017

हम तो ठहरे आम आदमी , अर्थ नीति का ज्ञान नहीं है

हम तो ठहरे आम आदमी , अर्थ नीति का ज्ञान नहीं है

एक इन्टरनेट पर प्रचलित जन भावनाओं को दर्शाती कविता , लेखक अज्ञात है  

Filed in: Literature

One Response to “हम तो ठहरे आम आदमी , अर्थ नीति का ज्ञान नहीं है”

  1. November 16, 2017 at 10:14 am #

    Finally, wisdom dawned upon you !!!

    My sincere congratulations !!!

    Keep it up Rajivji !!

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