5:39 am - Thursday June 29, 2017

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती- जयशंकर ‘प्रसाद’

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती- जयशंकर ‘प्रसाद’

हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती
jai shankar prasadस्वयंप्रभा समुज्जवला स्वतंत्रता पुकारती
अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़-प्रतिज्ञ सोच लो
प्रशस्त पुण्य पंथ हैं – बढ़े चलो बढ़े चलो

असंख्य कीर्ति-रश्मियाँ विकीर्ण दिव्य दाह-सी
सपूत मातृभूमि के रुको न शूर साहसी
अराति सैन्य सिंधु में, सुबाड़वाग्नि से जलो
प्रवीर हो जयी बनो – बढ़े चलो बढ़े चलो

-जयशंकर ‘प्रसाद’

Filed in: Poems

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