12:45 pm - Saturday September 26, 2020

Archive: Patriotic Songs Subscribe to Patriotic Songs

विजयी के सदृश जियो रे – रामधारी सिंह ‘दिनकर’

वैराग्य छोड़ बाँहों की विभा संभालो चट्टानों की छाती से दूध निकालो है रुकी जहाँ भी धार शिलाएं...

कलम, आज उनकी जय बोल – रामधारी सिंह “दिनकर”

जला अस्थियां बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल। कलम,...

हो गई है पीर पर्वत – दुष्यंत कुमार

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए आज यह दीवार, परदों की तरह...

शोरा जो पहचानिए

शोरा जो पहचानिए,जो लड़े दीन के हेत, पुर्जा-पुर्जा कट मरे,कभी ना छाडे खेत| जो धो प्रेम खेलन का चाव, सिर...

तूफानों की ओर घुमा दो नाविक – शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

आज सिंधु ने विष उगला है लहरों का यौवन मचला है आज हृदय में और सिंधु में साथ उठा है ज्वार तूफानों...

चित्रकार तू चित्र बना दे..

चित्रकार तू चित्र बना दे, उन सैनिक मतवालों का, मातृभूमि हित बलिवेदी पर शीश चढाने वालों का, वीर...

कलम, आज उनकी जय बोल (रामधारी सिंह ‘दिनकर’)

जो अगणित लघु दीप हमारे तूफानों में एक किनारे जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन मांगा नहीं स्नेह मुंह खोल कलम,...

शक्ति और क्षमा (रामधारी सिंह ‘दिनकर’)

क्षमा, दया, तप, त्याग, मनोबल सबका लिया सहारा पर नर व्याघ्र सुयोधन तुमसे कहो, कहाँ कब हारा ? क्षमाशील...

लोहे के मर्द (रामधारी सिंह ‘दिनकर’)

पुरुष वीर बलवान, देश की शान, हमारे नौजवान घायल होकर आये हैं। कहते हैं, ये पुष्प, दीप, अक्षत क्यों...

किसको नमन करूँ – दिनकर

तुझको या तेरे नदीश, गिरि, वन को नमन करूँ, मैं ? मेरे प्यारे देश ! देह या मन को नमन करूँ मैं ? किसको...