12:58 am - Wednesday November 22, 2017

Archive: Literature Subscribe to Literature

दिनकर

क्षमा शोभती उस भुजंग ( सांप ) को जिसके पास गरल ( विष ) हो

क्षमा शोभती उस भुजंग ( सांप ) को  जिसके पास गरल ( विष ) हो ‘ रक्षा मंत्रीश्री परिकर के उस कथान पर...
shyama prasad mukherjee

हे भारत के मुखिया मोदी ! : एक बीजेपी समर्थक की वेदना

हे भारत के मुखिया मोदी ! : एक बीजेपी समर्थक की वेदना The Kashmir fiasco has costed  BJP  dearly . While Amit Shah / Ram Madhav etc had no better  options but the...
helping others

WHAT GOES AROUND COMES AROUND…: एक प्रेरणास्पद कहानी जो आप को भाव विभोर कर देगी

WHAT GOES AROUND COMES AROUND…: एक प्रेरणास्पद कहानी जो आप को भाव विभोर कर देगी   WHAT GOES AROUND COMES AROUND… One day a man saw an old lady,...
Duryodhna_vadh

हिमालय – रामधारी सिंह दिनकर की सुन्दर कविता ‘ रे रोक युधिष्टिर को न आज –‘

हिमालय मेरे नगपति! मेरे विशाल! साकार, दिव्य, गौरव विराट्, पौरूष के पुन्जीभूत ज्वाल! मेरी जननी...
gandhi modi

दो गुजराती ———-good poem

दो गुजराती ———- 67 साल पहले एक गुजराती ने देश को अंग्रेजों सेमुक्त किया था….. अब 67 साल बाद एकगुजराती ने...
radha krishn

राधा व् कृष्ण का भेद – स्वर्ग मैं भेंट सुन्दर कविता

       राधा कृष्ण का भेद  – कवि  का नाम नहीं पता स्वर्ग में विचरण करते हुए अचानक एक दुसरे के...
vegetarianism

शाकाहार के समर्थन मैं कविता

शाकाहार पर कविता गर्व था भारत-भूमि को कि महावीर की माता हूँ।। राम-कृष्ण और नानक जैसे वीरो की यशगाथा...
dussehra

किस रावण की काटूं बाहें,किस लंका को आग लगाऊँ..!

किस रावण की काटूं बाहें, किस लंका को आग लगाऊँ..! घर घर रावण पग पग लंका, इतने राम...
Premchand

‘नशा’: मुंशी प्रेमचंद की कहानी

‘नशा’: मुंशी प्रेमचंद ईश्वरी एक बड़े ज़मींदार का लड़का था और मैं गरीब क्लर्क का, जिसके पास मेहनत-मजदूरी...
निराला

भिक्षुक – निराला की कविता

वह आता– दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता। पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक, चल रहा लकुटिया टेक, मुट्ठी...