2:14 pm - Sunday September 24, 2017

Archive: Literature Subscribe to Literature

indian_woman-other

नारी तुम केवल श्रद्धा हो – कामायनी ( लज्जा) : जय शंकर प्रसाद

कोमल किसलय के अंचल में नन्हीं कलिका ज्यों छिपती-सी, गोधुली के धूमिल पट में दीपक के स्वर में दिपती-सी। ...
Mkhanlal_Chaturved

कैदी और कोकिला : माखन लाल चतुर्वेदी की कविता

कैदी और कोकिला क्या गाती हो? क्यों रह-रह जाती हो? कोकिल बोलो तो ! क्या लाती हो? सन्देशा किसका है? कोकिल...
Premchand

ईदगाह – प्रेमचंद की प्रासंगिक कहानी

All those campaigning to introduce Mother’s day and Father’s Day on American pattern in India, in which sending gift with card is considered ‘ mukti’ from parental obligation may learn from this story the depth an secret...
short life cartoon

मानव जीवन की लघुता पर उर्दू शेरों के अलफ़ाज़

  मानव जीवन की लघुता पर अनेक मनीषियो ने अपने विचार व्यक्त किये हैं आज हम आपकी सेवा में कुछ उर्दू...
Duality-of-Humanity-2

मनुष्यता : मैथिलि शरण गुप्त की कविता

  मनुष्यता                   विचार लो कि मर्त्य हो न मृत्यु                   से डरो कभी, मरो परन्तु...
Nirala

भिक्षुक : सूर्य कान्त त्रिपाठी निराला की कविता

भिक्षुक / सूर्यकांत त्रिपाठी निराला वह आता– दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता। पेट पीठ...
Jaishankar-Prasadedt

जय शंकर प्रसाद की कवितायेँ

आह ! वेदना मिली विदाई आह ! वेदना मिली विदाई मैंने भ्रमवश जीवन संचित, मधुकरियों की भीख लुटाई छलछल...
premchand

बड़े घर की बेटी _ प्रेमचन्द की उत्कृष्ट सामाजिक कहानी

बड़े घर की बेटी बेनीमाधव सिंह गौरीपुर गॉँव के जमींदार और नम्बरदार थे। उनके पितामह किसी समय बड़े...
sunrise

बीती बिभावारी जाग री – जय शंकर प्रसाद की कविता

बीती विभावरी जाग री ! अम्बर पनघट में डुबो रही- तारा-घट ऊषा नागरी । खग-कुल कुल-कुल-सा बोल रहा, किसलय...
poor but happy

I am drinking from my saucer because my cup has overflowed – Beautiful short poem

from e mail sent by sh V.S,Sehgal , published due to great human value of message   My dear friends,   Please, read this piece slowly. It is really beautiful. I’ve never made a fortune, and  it’s probably too late now. But...