10:13 pm - Wednesday July 26, 2017

Archive: Literature Subscribe to Literature

mahadevi-verma

मैं नीर भरी दुःख की बदली – उमड़ी कल थी मिट आज चली : महादेवी वर्मा

मैं नीर भरी दुख की बदली! स्पंदन में चिर निस्पंद बसा, क्रंदन में आहत विश्व हँसा, नयनों में दीपक...
चंद्र शेखर आजाद

हरी ॐ पंवार की चन्द्र शेखर आजाद पर अत्यंत ओजस्वी कविता : अवश्य सुनें

amir khusro

Amir Khusro – अमीर खुसरो की पहेलियों की कवितायेँ

        Amir Khusro is regarded as one of the founders of Hindi khadi boli . Given below are some of the riddles written by him. They are interesting and tantalizing . रात समय वह मेरे आवे। भोर...
India Gate

कोल गेट , रेल गेट , इंडिया गेट : गेट यानी घोटाला -श्री शुभ्रांशु की कविता

देख कर न्यूज़ चैनलों की बकबक श्रीमती जी थीं स्तब्ध हकबक देखते-देखते एक न्यूज़ शो अचानक ही बोल...
premchand

Panch Parmeshwar Prem Chand : पञ्च परमेश्वर – प्रेमचंद की कहानी

जुम्मन शेख और अलगू चौधरी में गाढ़ी मित्रता थी। साझे में खेती होती थी। कुछ लेन-देन में भी साझा...
kabeer

Kabeer ke Dohe – कबीर के दोहे – भावार्थ समेत

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय। अर्थ : जब मैं इस संसार...
hari om panwar

काला धन – हरी ॐ पंवार की ओजस्वी कविता

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cycle for girls

हिन्दुओं के विरुद्ध भेदभाव की शिकार काल्पनिक श्रुति का साइकिल के लिए क्रंदन

Shruti ka krandan
sycophant

रीढ़ की हड्डी – प्रासंगिक कविता : शुभ्रांशु

रीढ़ की हड्डी – शुभ्रांशु, दिसंबर, २०१२ दो नावों की करूँ सवारी जिधर भी देखूँ पलड़ा भारी उधर...
kids_playing

बचपन – सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता

बचपन बारबार आती है मुझको मधुर याद बचपन तेरी गया, ले गया तू जीवन की सब से मस्त खुशी मेरी।। चिन्ता-रहित...