6:35 pm - Tuesday May 30, 2017

hindi poem style of different poets

scene : one woman sitting on the well possibly thinking of committing suicide

 

taken from net but possibly authored by om Prakash aditya

 

अट्टालिका पर एक रमिणी अनमनी सी है अहो

किस वेदना के भार से संतप्त हो देवी कहो?

धीरज धरो संसार में, किसके नही है दुर्दिन फिरे

हे राम! रक्षा कीजिए, अबला न भूतल पर गिरे। Maithili sharan gupt

 

गोरी बैठी छत पर, कूदन को तैयार

नीचे पक्का फर्श है, भली करे करतार

भली करे करतार,न दे दे कोई धक्का

ऊपर मोटी नार, नीचे पतरे कक्का

कह काका कविराय, अरी मत आगे बढना

उधर कूदना मेरे ऊपर मत गिर पडना।  kaka hathrasi

 

ओ घमंड मंडिनी, अखंड खंड मंडिनी

वीरता विमंडिनी, प्रचंड चंड चंडिनी

सिंहनी की ठान से, आन बान शान से

मान से, गुमान से, तुम गिरो मकान से

तुम डगर डगर गिरो, तुम नगर नगर गिरो

तुम गिरो अगर गिरो, शत्रु पर मगर गिरो। shyam narain pandey

हो न उदास रूपसी, तू मुस्काती जा

मौत में भी जिन्दगी के कुछ फूल खिलाती जा

जाना तो हर एक को है, एक दिन जहान से

जाते जाते मेरा, एक गीत गुनगुनाती जा  neeraj

 

 

 

 

 

Filed in: Education, Humour

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