6:05 am - Sunday February 17, 2019

Maligning HAL & DRDO : संभल के रहना अपने घर मैं छुपे हुए गद्दारों से

Maligning HAL & DRDO : संभल के रहना अपने घर मैं छुपे हुए गद्दारों से

rp_RKU-263x300.jpg                                                                       राजीव उपाध्याय

एयर चीफ मार्शल धनोआ ने हाल ही में कहा की एयरफोर्स HAL को छूट दे सकती है पर क्या दुश्मन एयरफोर्स को छूट देगा . उनका क्षोभ तब सामने आया जब हाल ही में बदलाव किये मिराज हवाई जहाज़ की दुर्घटना मैं दो पायलट मारे गए . उनका क्षोभ जायज़ है . किसी सेना प्रमुख को अपने वीर जवानों की असामयिक मौत पर प्रश्न उठाना ठीक है और अपेक्षित भी है . HAL का दायित्व है कि वह इस दुघटना की जांच में एयरफोर्स के अधिकारियों को भी शामिल करे जिससे उनका क्षोभ क्रोध  में न बदल जाय .

परन्तु आज क्यों एयरफोर्स को पुराने MIG-21 जैसे अत्यधिक पुराने जहाज़ उड़ाने पड़ रहे  हें . क्यों देश की वायु सेना को इतना कमज़ोर हो जाने दिया गया की आज वायु सेना के पास सिफ ४२ के बजाय ३२स्क़द्रोन बचे हैं .जब खंडूरी जी जैसे इमानदार नेता ने रक्षा की ढिलाई की बात की तो उन्हें क्यों बाहर  का रास्ता दिखा दिया गया. . जो HAL या  एयर फार्स का जहाज़ खरीदने मैं क्या अधिकार है . न तो वह टेंडर इशू करते हैं , न ही बजट की राशि आवंटित करते हें .न ही कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हैं .  जो दम्भी बाबू तेजस जहाज के बनने मैं देरी पर गाल बजा रहे हैं वह यह भी तो बताएं की तेरह साल से जहाज़ खरीद क्यों नहीं पाए जिसके चलते आज का संकट पैदा हुआ है .

HAL के हाथ पैर बाँध कर रक्षा मंत्रालय के बाबू व् नेता मिल कर देश की सुरक्षा को बर्बाद कर रहे हैं .

HAL अब तक ३२ तरह के हवाई जहाज़ , हेलीकाप्टर इत्यादि बना चुका है . किस प्राइवेट सेक्टर के पास इसका दसवां भाग भी अनुभव का है . उसने जब जर्मनी की मदद से  मरुत लड़ाकू जहाज़ बनाया था यदि उसका उत्पादन व् विकास करते रहते तो आज देश स्वाबलंबी होता . पर आयात मैं जो कमीशन मिलता है वह सब के सर पर चढ़ कर बोलता है . बहाने तो कोई भी बना सकता है जो जहाज़ बना के दिखा सकता है वही सही बोल सकता है . यदि उसकी सुनी जाय तब ही तो समस्या का समाधान हो सकता है .

आज क्योंकि प्राइवेट सेक्टर भी रक्षा में भागीदार बन रहा है इस लिए उसका हिस्सा बढ़ने के लिए HAL , DRDO , ARJUN TANK , NAG MISSILE , TEJAS सब की बुराइयीं देश को रोज़ परोसी जा रही हैं . रक्षा विभाग में प्राइवेट सेक्टर को लाना जरूरी है . पर एक बार कार बनाने का इतिहास भी तो देख लें . किस हिन्दुस्तानी कंपनी ने विश्व स्तर की कार बनाने में सफलता हासिल की है . यहाँ तक की देश की सर्वश्रेष्ठ कंपनी टाटा भी इसमें असफल ही रही है . उसकी कारें जापानी या जर्मन कारों के मुकाबले पीछे हैं . देश को अपने तकनिकी ज्ञान के अभाव को समझना पडेगा .परन्तु यह ज्ञान बनाने ही से तो बढेगा . आज देश मैं डर के किनारे पर बैठे लोग HAL सरीखे तैरने वालों के दोष निकाल रहे हैं .

विदेशी तरह तरह से भारत को कमजोर कर रहे हें. इसरो के जासूसी काण्ड से हम सब वाकिफ हें . परमाणु बम बनाने वाले वैज्ञानिक रहस्यमय तरीकों से मारे जा रहे हें. रूस के परमाणु बिजली घर का विरोध विदेश् से पैसे लेकर किया गया था . इसलिए आज विदेशियों के प्रभाव में  तेजस , अर्जुन टैंक या मिस्साइलों के सिर्फ हमारा आत्मविश्वास समाप्त करने वाले और दोष गिनाने वाले देश द्रोहियों को चिन्हित कर  दण्डित करना चाहिए .

यदि देश ४२ के बजाय ३२ स्क्वाड्रन से चल सकता है तो दस स्क़द्रों तेजस के भी हो सकते हैं . यही बात अर्जुन टैंक , मिसाइल पर भी लागू होती है . रक्षा के सामान काकाम से कम एक तिहाई स्वदेशी होना आवश्यक है.

 

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One Response to “Maligning HAL & DRDO : संभल के रहना अपने घर मैं छुपे हुए गद्दारों से”

  1. February 8, 2019 at 9:28 pm #

    Here is a strategic brain teaser –

    ARE 36 RAFALES DEDICATED TO LIBERATE POK / TIBET ???
    by Ramakant Tiwari

    https://niratishaya.wordpress.com/2019/02/07/are-36-rafales-dedicated-to-liberate-pok-tibet/

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