4:36 pm - Thursday July 19, 2018

गरीबी हटाओ , मिथक व् भ्रांतियां : Poverty Causes and Alleviation : American Perspective

गरीबी हटाओ , मिथक व् भ्रांतियां  : Poverty Causes and Alleviation : American Perspective

Rajiv Upadhyay rp_RKU-150x150.jpg

लालू यादव ने एक बार कहा था की चुनाव का विकास से क्या सम्बन्ध है ? . उन्होंने बिहार को डुबो कर भी पंद्रह साल राज करके दिखा दिया . श्रीमती इंदिरा गाँधी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया और देश को ३% की निम्न विकास दर मैं बीस साल के लिए झोंक दिया और भारत की गरीबी बढ़ती गयी . अब देश को इमानदारी का भूत चढ़ा है . सब जानते हैं की भ्रष्टाचार राजनीती ने बढाया है . चुनाव के खर्चे आसमान को छु गए हैं . जबसे वोटरों को पांचसौ रूपये देने की प्रथा शुरू हुयी है तबसे एक राज्य के चुनाव ही पाँच हज़ार करोड़ रूपये खर्च करा जाते है . राजनीतिग्य सब सत्ता से भ्रष्टाचार कर कमाते हैं और चुनाव मैं उड़ाते हैं . ऐसे मैं पैसे देने वालों सेठों को भ्रष्ट और लेने वाले नेताओं को इमानदार कैसे कह सकते हैं . अधिकांश देशों मैं रिश्वत लेना अपराध है . भारत मैं यह जो झूटी इमानदारी का रोग लगा है उससे औद्योगिक विकास चौपट हो गया है . देश सी बी आई , सी वी सी , ई डी , न्यायलय व् पोलिस नहीं चला सकते . देश को इनके हवाले कर देने से विकास ठप्प हो गया है . यह संस्थायें   भ्रष्टाचार मिटा भी नहीं सकती . भ्रष्टाचार की जननी राजनीती है और उसे यह संस्थाएं छू  भी नहीं सकती . सेठों को जेल डाल कर हम जनता की ताली बजवा सकते हैं और वोट ले सकते हैं . पर इससे विकास नहीं हो सकता . पिछले पाँच सालों से अमीर लोग हज़ारों की संख्या मैं देश छोड़ कर भाग रहे हैं . एक टाटा या अम्बानी लाखों लोगों को रोज़गार देता है .पिचहत्तर वर्षीय रतन टाटा  अपने ऊपर क्या खर्च कर सकते हैं . बुढ़ापे मैं क्या खा या पहन लेंगे . मरीन ड्राइव का घर है तो एक घर ही . कौन उसमें रहता है इससे क्या फरक पड़ता है . उद्योगपति देश की सच्ची सेवा कर रहे हैं .

देश मैं जो भय का वातावरण बन गया है उससे कोई बोल नहीं रहा पर और पूँजी नहीं लगा रहा . जो सोने का हम अपरिमित आयात दिखाते हैं उसमें कितना सच है ? देश का पैसा नए तरीकों से बाहर  जा रहा है .

देश के नेताओं  को अम्बानी या अदानी का दोस्त कह कर नई गली बना देना देश को अत्यधिक महंगा पड़  रहा है . सरकारी बाबु बोलते नहीं है पर सब अपनी कुर्सी और पेंशन बचने मैं लगे  हैं . न कोई बड़े फैसले ले रहा है न देश आगे बढ़ रहा है .सब दुकानदारी मैं चीन से दस का माल ले कर सौ मैं बेच कर खुश हैं .

नीचे दिए अमरीकी अनुभव का लाभ उठाने की जरूरत है . ( taken from an email could not be verified )

Makes Perfect SENSE
BRILLIANCE
IN 3 PARTS
Part I:
A. Back off and let those men who want to marry men, marry men.
B. Allow those women who want to marry women, marry women.
C. Allow those folks who want to abort their babies, abort their babies
In three generations, there will be no more Democrats.
Part II:
10 Poorest Cities in America  (How did it happen?)
City, State, % of People Below the Poverty Level
1. Detroit, MI 32.5%
2. Buffalo, NY 29.9%
3 Cincinnati, OH 27.8%
4. Cleveland, OH 27.0%
5. Miami, FL 26.9%
5 St. Louis, MO 26.8%
7. El Paso, TX 26.4%
8. Milwaukee, WI 26.2%
9. Philadelphia, PA 25.1%
10. Newark, NJ 24.2%
(Now, watch closely… at no time will the fingers leave the hands…)
What do these top ten cities (over 250,000 pop.) with the highest
poverty rate all have in common?
Detroit, MI – (1st on poverty rate list) hasn’t elected a Republican
mayor since 1961
Buffalo, NY – (2nd) hasn’t elected one since 1954
Cincinnati, OH – (3rd) not since 1984
Cleveland, OH – (4th) not since 1989
Miami, FL – (5th) has never had a Republican mayor
St. Louis, MO – (6th) not since 1949
El Paso, TX – (7th) has never had a Republican mayor
Milwaukee, WI – (8th) not since 1908
Philadelphia, PA – (9th) not since 1952
Newark, NJ – (10th) not since 1907
Einstein once said, ‘The definition of insanity is doing the same thing
over and over again and expecting different results.’
It is the poor who habitually elect Democrats… yet they are still POOR.
Part III:
“You cannot help the poor by destroying the rich.
You cannot strengthen the weak by weakening the strong.
You cannot bring about prosperity by discouraging thrift.
You cannot lift the wage earner up by pulling the wage payer down.
You cannot further the brotherhood of man by inciting class hatred.
You cannot build character and courage by taking away people’s
initiative and independence.
You cannot help people permanently by doing for them, what they could
and should do for themselves.”
                                        ~ Abraham Lincoln
“Any man who thinks he can be happy and prosperous by letting the
government take care of him had better take a much closer look at the
American Indian.”
                                              ~ Henry Ford
Filed in: Articles, Economy

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